पोला पर्व के अवसर पर पशुधन बैल को सजाया पूजा अर्चनाकर पकवान खिलाए
पोला पर्व के अवसर पर पशुधन बैल को सजाया पूजा अर्चनाकर पकवान खिलाए
खेतिया शहर एवं ग्रामीण में उत्साह से मनाया पशुधन पर्व पोला
बड़वानी (नरेंद्र तिवारी ) भारत कृषि प्रधान देश है, कृषि कार्य में सहायक पशुधन के प्रति अपना सम्मान व सत्कार व्यक्त करने के लिए परंपरागत संस्कृति का पर्व पोला आज उत्साह से मनाया गया। मराठी केलेंडर अनुसार पोला अमावस्या के साथ श्रावण माह भी समाप्त हो रहा,अमावस्या को लेकर असमंजस अवश्य रहा, पूजारी पंडितों की सलाह के साथ आज शाम पोला पर्व मनाया गया।

बैल पोले पर किसान अपने कृषि कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बैलों को अपने घर लाकर आज विश्राम देते हैं। परम्परा अनुसार नहला कर अच्छे से साथ सज्जा कर पूजा अर्चना कर घर में बने पारम्परिक पकवान खिलाते हैं,पोले पर्व हेतु गुरुवार बाज़ार में काफी भीड़ बनी रही, किसान पशुधन की साजसज्जा हेतु सामग्री खरीदने के साथ गुड़,शक्कर, चना दाल,नारियल की अच्छी बिक्री हुई कुम्हारों द्वारा निर्मित बैल भी कई किसानों ने ख़रीदे
।पोला के अवसर पर आज किसानों ने अपने घरों के सामने बैलों सजाकर पूजन करते हुए गाजे बाजे के साथ शहर भ्रमण करते हुए शहर के अति प्राचीन श्री बजरंगबली मंदिर की परिक्रमा करने ले गए इस दौरान भारी भीड़ हनुमान मंदिर पर उपस्थित रही। जहां सजधज कर आये बैलों को लोग निहारते रहे
