Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
दिल्ली की हाईप्रोफाइल चोरी के 3 अंतरराज्यीय आरोपी वरला से गिरफ्तार, ₹20 लाख का सोना बरामद वरला के ग्राम चिखली अवैध शराब बनाने की साजिश नाकाम, 936 लीटर जहरीली स्प्रिट के साथ आरोपी गिरफ्तार किसानों के खेतों से मोटर पंप चुराने वाली गैंग का पर्दाफाश; सेंधवा ग्रामीण पुलिस ने 2 आरोपियों को दबो... बोलेरो पीकप और 222 पेटी बीयर लूट कांड का पर्दाफास  अग्रवाल समाज के अध्यक्ष पद पर राजेंद्र नरेडी 12 मतों से विजय हुए रिद्धि सिद्धि कोटेक्स के गोपाल अग्रवाल को भारत सरकार के वित्तमंत्री ने किया सम्मानित ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में 20 मई को समस्त दवा की दुकानें बंद रहेगी ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में 20 मई को समस्त दवा की दुकानें बंद रहेगी ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में 20 मई को समस्त दवा की दुकानें बंद रहेगी वरला में मध्य रात्रि घर में घुसकर अज्ञात बदमाश ने बुजुर्ग महिला से की मारपीट 

तालाब निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने प्रस्तुत की वैधानिक आपत्ति

0 266

सेंधवा (नरेंद्र तिवारी )दिनांक 9 अप्रैल 2026 को ग्राम अंबापानी एवं आसपास के प्रभावित ग्रामों नहालबंध, जमुनिया, चिरमिरिया आदि के ग्रामीणों/कृषकों ने प्रस्तावित तालाब निर्माण कार्य के संबंध में अपनी वैधानिक आपत्तियाँ प्रस्तुत करते हुए जिलाधीश, बड़वानी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, सेंधवा में प्रस्तुत किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल से अनेक परिवार डूब/प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं। प्रभावित परिवारों में लगभग 25 लोगों को अब तक अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 (FRA 2006) के तहत अधिकार पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जबकि वे वर्षों से भूमि पर काबिज/खेतीरत हैं। लगभग 26 परिवार ऐसे हैं जिनका भूमि पर वास्तविक कब्जा है, परंतु उनके दावों का निराकरण एवं वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। जिन किसानों को अधिकार पत्र दिए भी गए हैं, वे वास्तविक कब्जे से कम क्षेत्रफल के हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आपत्ति दर्ज की कि तालाब निर्माण हेतु सर्वे/मापन की जानकारी ग्रामवासियों को नहीं दी गई तथा प्रभावित मकान, पेड़-पौधों और कृषि भूमि के मूल्यांकन/पुनर्वास के संबंध में कोई पारदर्शी प्रक्रिया साझा नहीं की गई।
दिनांक 7 अप्रैल 2026 को ग्राम अंबापानी में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA) के प्रावधानों के तहत आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को FRA 2006 के तहत वास्तविक अधिकार पत्र प्रदान नहीं किए जाते, तथा “मकान के बदले मकान एवं जमीन के बदले जमीन” का विधि अनुसार पुनर्वास/मुआवज़ा सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक तालाब निर्माण कार्य प्रारंभ न किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के बिना निर्माण प्रारंभ करने के प्रयास किए जा रहे हैं और स्थल पर मशीनें/सामग्री रखी गई है, जो PESA के प्रावधानों के विपरीत है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि:
सभी वैधानिक कमियों के निराकरण तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
लंबित FRA दावों का त्वरित निराकरण कर वास्तविक कब्जे के अनुसार अधिकार पत्र दिए जाएँ।
जिन परिवारों के पास दस्तावेज नहीं हैं, उनके दावों का प्राथमिकता से परीक्षण किया जाए।
प्रभावित परिवारों को मकान के बदले मकान एवं जमीन के बदले जमीन का वैधानिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
सर्वे/मूल्यांकन ग्राम सभा की उपस्थिति में पारदर्शी ढंग से कराया जाए।
विधि अनुसार पुनर्वास, मुआवज़ा एवं ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से न्यायोचित कार्यवाही कर उनके वैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है। ज्ञापन के साथ 7 अप्रैल 2026 की ग्राम सभा प्रस्ताव प्रति एवं ग्रामवासियों के हस्ताक्षर संलग्न किए गए हैं

Leave A Reply

Your email address will not be published.