मणिपुरी नृत्याँगना इवाना सरकार ने कृष्ण स्तुति एवं राधा-कृष्ण रास की दी प्रस्तुति
दुर्गा स्तुति की प्रस्तुति ने सैकड़ों युवाओं को किया भाव-विभोर
बडवानी (नरेंद्र तिवारी)
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में स्पीक मैके के सौजन्य से मणिपुरी नृत्य की प्रस्तुति, प्रशिक्षण कार्यशाला, और नृत्य के क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं करियर अवसरों पर एक संवाद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मणिपुरी नृत्यांगना सुश्री इवाना सरकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने की। विशेष अतिथियों में अनिल जोशी, गुरमीत सिंह गांधी, सचिन शर्मा, सुश्री संगीता गुप्ता, नितेश सोनी, सूरज सुल्या और ललित चौधरी शामिल थे। जैसे ही अतिथि कॉलेज परिसर में प्रवेश किए, सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उनकी अगवानी की। पुष्पवर्षा और जोरदार स्वागत से अभिभूत अतिथियों ने इस आत्मीयता की सराहना की, जिसने आयोजन की शुरुआत को और भी यादगार बना दिया।
भक्ति, प्रकृति और जीवन चक्र को दर्शाता है मणिपुरी नृत्य
सरस्वती पूजन, वंदना एवं स्वागत गीत के बाद सुश्री इवाना सरकार द्वारा मणिपुरी नृत्य की गौरवशाली परंपरा, इतिहास, विशेषताओं और इसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भारत के आठ प्रमुख शास्त्रीय नृत्यों में से एक है तथा मणिपुर राज्य में उत्पन्न हुआ। इसकी जड़ें प्राचीन लोक परंपराओं और भरत मुनि के श्नाट्य शास्त्रश् से जुड़ी हैं, जहां मीतई जनजाति की दंतकथाओं में सात लैनूराह देवताओं द्वारा पृथ्वी को नृत्य से मजबूत करने का वर्णन है। 15वीं शताब्दी में वैष्णव भक्ति के आगमन के साथ राजा भाग्यचंद्र के शासनकाल में रास लीला का विकास हुआ, जो राधा-कृष्ण की लीला पर आधारित है। इसकी विशेषताएँ सूक्ष्म भाव-भंगिमाएँ, वृत्ताकार चालें और सतत हरकतें हैं, जो इसे अंतर्मुखी व संयमित बनाती हैं। वेशभूषा में फूलों का मुकुट, रंगीन पोतबी, ढोलक संगीत प्रमुख। यह भक्ति, प्रकृति और जीवन चक्र को दर्शाता है।
