धनोरा से चाचारिया तक ढाबों में अवैध शराब की बिक्री
गाँव-गाँव शराब और पुलिस का नशा विरोधी अभियान
सेंधवा (नरेंद्र तिवारी) नशे से दुरी है जरुरी, यह श्लोगन है, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई तक नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का, इधर सेंधवा ग्रामीण क्षेत्र के हालात यह है की ढाबों, किराना दुकानों पर आसानी से खुलेआम शराब मिल रही है। स्थानीय ठेकेदार इन ढाबा मालिकों को कमीशन पर शराब उपलब्ध कराते है। ढाबो पर पर महिलाए एवं नाबालिग बच्चे भी इस कार्य में बराबरी के शामिल है। स्थानीय आबकारी विभाग एवं पुलिस मुक दर्शक बनी हुई है। ऐसे अभियान नशा विरोधी अभियान कितना कारगर होगा..?
इस प्रतिनिधि ने धनोरा से चाचारिया वहां से कामोद तक की यात्रा की जहाँ रास्ते में 15 से 20 ढाबों किराना दुकानों पर शराब आसानी से मिल रही थी, ग्रामीण दुकानों पर पुरुष के साथ महिला भी अवैध शराब के कारोबार में पुरुषो का सहयोग करती दिखाई दी। सवाल यह उठता है की गाँव-गाँव शराब की आसान उपलब्धता वाले ग्रामीण क्षेत्र में नशे के विरुद्ध पुलिस का अभियान कितना कारगर शाबित होगा। जबकि सच्चाई यह है की ढाबो और किराना दुकानों पर मिलने वाली शराब की जानकारी पुलिस को न हो यह सम्भव नहीं है। कामोद में रविवार को हाट बाजार था यहाँ किराना दुकान पर एक साथ जमा लोग शराब पी रहे थै। धनोरा चाचरिया की अधिकृत शराब दुकानों से अधिक भीड़ इन ढाबो पर शराब पिने के लिये जमा थी। ठेकेदार को अधिकृत दुकानों पर शराब बेचने का लायसेंस प्राप्त है किंतु ढाबा मालिकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया शराब दुकान के लोग वाहन के माध्यम से एरिया करते है और कमीशन पर शराब देकर जाते है। ऐसे में बड़वानी जिले के पुलिस कप्तान को आवश्यक होगा की वह ढाबो और किराना दुकानों पर ठेकेदार की मदद से मिलने वाली शराब बिक्री को बंद कराए। नशा नाश की जड़ है ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषो के साथ महिला और बच्चे भी अवैध शराब की बिक्री में लगे है। ग्राम लगडीमोहडी में एक ढाबे पर महिला ने अपने हाथ से ढाबे में आए ग्राहकों को टिन के पैक में लेमाउन्ट बियर दी उस समय इस ढाबे पर नाबालिग बच्चे भी बैठे हुए थै। जिन बच्चों को स्कुल में होना चाहिए वह अवैध नशे के कारोबार में रत है। ऐसे में बड़वानी जिला पुलिस को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। नशे के विरुद्ध अभियान महज शरकारी खाना पूर्ति बनकर न रहा जाएं। पुलिस द्वारा चलाए जाने वाले इस अभियान का असर कितना होता है? यह 15 से 30 जुलाई को जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर साहब के नैतृत्व में अनुभाग के एसडीओपी अजय वाघमरे, ग्रामीण थाना प्रभारी दिलीप पूरी, चाचारिया चौकी प्रभारी संजय शर्मा के द्वारा चलाया जाना है। समाज को नशे से दूर करने का यह संदेश महज सरकारी खाना पूर्ति न बने इसके सार्थक परिणाम निकलने चाहिए।