देवव्रत महेश रेखे जिन्होंने दंडक्रम पारायण का पाठ कर हासिल की ‘वेदमूर्ति’ की उपाधि
धार्मिक नगरी वाराणसी में करीब 50 दिनों तक दंडक्रम पारायण करने वाले देवव्रत महेश रेखे का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘X’ पोस्ट के बाद अचानक चर्चा में आ गया है। महाराष्ट्र के छोटे से गांव में जन्मे 19 साल के देवव्रत ने 200 वर्ष बाद यह कारनामा किया है। देवव्रत को वेदमूर्ति की उपाधि भी दी गई है। उनके सम्मान में काशी में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई है।