फिसड्डी रही जनपद सेंधवा की ग्राम पंचायते, पानसेमल की मलफ़ा प्रथ
पंचायत उन्नति सूचकांक के तहत किया गया कार्यशाला का आयोजन
बड़वानी (नरेंद्र तिवारी) शासन के निर्देशानुसार पंचायत उन्नति सूचकांक 1.0 का विमोचन एवं प्रचार-प्रसार तथा पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के सभी लाईन विभागों के सूचकांकों की जानकारी पोर्टल पर प्रविष्टि कराने के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभा कक्ष में किया गया। इस सूचकांक में बड़वानी जिले की सबसे बड़ी जनपद सेंधवा की ग्राम पंचायते जहाँ फिसड्डी साबित हुई वहीं पानसेमल की मलफ़ा एवं मोरतलाई प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रही। पंचायत उन्नति सूचकांक 1.0 में वित्तीय वर्ष 2022-23 में दिए गए नौ थीम में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली जिले की 20 ग्राम पंचायतों को पुरुस्कत कर सम्मानित किया गया। इसमें जनपद पंचायत की पाननेमल की ग्राम पंचायत मलफा सर्वाधिक अंक के साथ मध्यप्रदेश में प्रथम एवं ग्राम पंचायत मौरतलाई द्वितीय स्थान पर रही। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में इन पंचायतों को सम्मानित कर जिले की प्रथम स्थान पर रही ग्राम पंचायत मलफा को प्रोत्साहन राशि रु. 11000/- द्वितीय स्थान ग्राम पंचायत मोरतलाई को 7100/- एवं तृतीय स्थान ग्राम पंचायत भामी को 5100/- एवं अन्य ग्राम पंचायत बडसलाय (बरुफाटक), लोनसरा खुर्द, बालसमूद, बिलवानी, दवाना, ठान (राजुपर) एवं तनबाडा देव को राशि 2100- के चेक एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। शेष 10 ग्राम पंचायतों को सांत्वना पुरुस्कार स्वरूप प्रमाण पत्र दिए गए। इसके साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक 1.0 की कार्यशाला एवं प्रचार प्रसार के साथ साथ आगामी पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के अंतर्गत सभी जिला स्तरीय लाईन विभागों के सूचकांकों की पोर्टल पर प्रविष्टि संबंधी चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल ने की और प्रभारी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत काजल जावला सत्र में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ईटीसी इंदौर से नोडल अधिकारी चंद्रेश लाड़, परियोजना अधिकारी एस एल अलावा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रदीप सोलंकी, जिला समन्वयक नितेश शिन्दे, जिला पंचायत सदस्य, सरपंच/सचिव एवं संबंधित लाइन विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। यह है थीमः- कार्यक्रम में सतत् विकास लक्ष्यों के तहत् थीमों जैसे गरीबी मुक्त और आजीविका में वृद्धि वाली पंचायत, स्वस्थ पंचायत, वाल हितैषी पंचायत, पर्याप्त जल उपलब्धता वाला पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी डांचे युक्त पंचायत, सामाजिक रूप से न्याय संगत एवं सुरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत एवं महिला हितैषी पंचायत