सेंधवा (नरेंद्र तिवारी) बारिश की लम्बी खैच से हलाकान कृषको के चेहरों पर मधुर मुस्कान का कारण बनी राखी पर झमझम करती आई बारिश। राहत की बूंदो के मधुर संगीत की ध्वनि से न सिर्फ कृषक अपितु उमस से परेशान आमजन के चेहरों पर भी प्रसन्नता देखी गयी। क्षेत्र में एक सप्ताह से अधिक समय से बारिश नहीं हो रही थी। खेतो में फसले मुरझाने लगी थी। राखी पर सेंधवा से चाचरिया तक बारिश की खबरों ने ख़ुशी की लहर पैदा कर दी है। बारिश की खैच से होने वाली उमस ने इंसानी स्वभाव को भी चिढ़चिढ़ा कर दिया था बारिश की बूंदों ने फिर इंसानी स्वभाव को खिलखिला कर दिया है। 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस और राखी के अवसर पर क्षेत्र में झमाझम बारिश से मुरझाई फसलों के पुन: खिलने के आसार है।