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ग्राम मटली में प्रस्तावित इंदल उत्सव बना प्रशासन और आदिवासी समाज में टकराव का कारण

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सेंधवा (नरेंद्र तिवारी )ग्राम मटली में प्रस्तावित इंदल पूजा को लेकर प्रशासन और आदिवासी संगठनों में टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनो के प्रतिनिधियों ने बताया दिनांक 19 दिसंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 तक ग्राम मटली, तहसील राजपुर, जिला बड़वानी में दिनांक 23, 24 एवं 25 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित तथाकथित इंदल उत्सव कार्यक्रम के विरोध में आदिवासी समाज के समस्त सामाजिक संगठनों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए गए एवं विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन सौंपे गए।
आदिवासी समाज स्पष्ट रूप से यह मानता है कि यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की परंपरा, आस्था, श्रद्धा, इतिहास, संस्कृति एवं पहचान के विपरीत है। आदिवासी समाज की इंदल पुजा की परंपरा में न तो मूर्ति एवं मंदिर का कोई स्थान है और न ही बाहरी हस्तक्षेप का। इंदल की पूजा पारंपरिक पुजारी द्वारा, विशुद्ध पारंपरिक विधि से की जाती है तथा इसकी कोई निश्चित तिथि नहीं होती। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत अथवा सामूहिक रूप से गांव स्तर पर 5, 7, 9 अथवा 12 वर्षों के अंतराल में संपन्न होता है।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2011 से इन परंपराओं के विपरीत निरंतर कार्यक्रम आयोजित किया जाना समाज की सांस्कृतिक पहचान पर आघात है, जिसका आदिवासी समाज प्रतिवर्ष विरोध करता रहा है।
इस वर्ष उक्त कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल, मध्य प्रदेश शासन का आगमन प्रस्तावित था। इसकी सूचना मिलते ही आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने दिनांक 19 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना पलसूद में धरना देकर एसडीएम महोदय से प्रत्यक्ष चर्चा की तथा इंदल की वास्तविक एवं पारंपरिक जानकारी प्रशासन के समक्ष रखी।
इसके पश्चात बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, धार, झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों में ज्ञापन सौंपे गए।
आदिवासी समाज के एकजुट, लोकतांत्रिक प्रयासों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के सहयोग, तथा जिला प्रशासन द्वारा तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के परिणामस्वरूप महामहिम राज्यपाल महोदय ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अपना दौरा कार्यक्रम निरस्त किया, जिसके लिए आदिवासी समाज उनका आभार व्यक्त करता है।
किन्तु यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्थानीय स्तर पर कर्मचारी, अधिकारी एवं आयोजन समिति द्वारा अब भी इस कार्यक्रम को आयोजित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही यह सूचना भी प्राप्त हो रही है कि इस कार्यक्रम में बड़वानी जिले के प्रभारी मंत्री, मध्य प्रदेश शासन के आगमन की योजना बनाई जा रही है, जिसका आदिवासी समाज स्पष्ट विरोध करता है।
आदिवासी समाज की स्पष्ट मांग है कि ग्राम मटली में प्रस्तावित यह कार्यक्रम तत्काल एवं पूर्णतः बंद किया जाए।
यदि ऐसा नहीं किया गया, तो समाज के लोग शांतिपूर्ण ढंग से मौके पर उपस्थित होकर इसे बंद करवाने को बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

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